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Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Vanijya Paribhasha Kosh (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Mail order business

डाक व्यापार
डाक के माध्यम से क्रय-विक्रय करना। जो फ़र्म इस प्रकार का व्यापार करती है वह विज्ञापन के द्वारा अपनी वस्तुओं का प्रचार करती है और ख़रीदारों से अनुरोध करती है कि वे पत्र द्वारा माल का आर्डर भेजें।

Manifest

माल-सूची
प्रत्येक व्यापारिक जहाज़ पर यात्रा के दौरान प्राप्य एक ऐसा लिखित दस्तावेज़ जिसमें जहाज़ पर लदे माल की कैफ़ियत, लदने और उतरने का स्थान आदि दिया रहता है। इस पर जहाज़ के कप्तान के हस्ताक्षर होते हैं। इससे सीमाशुल्क तथा पत्तन अधिकारियों को जाँच करने में सुविधा हो जाती है।

Manufacture

विनिर्माण
किसी वस्तु अथवा उत्पाद को हाथ अथवा मशीन की सहायता से बनाना। कृषि अथवा अन्य प्राकृतिक उपजों को छोड़कर सभी प्रकार का औद्योगिक उत्पादन इस कोटि में आता है।

Margin trading

मार्जिन जमा व्यापार
प्रतिभूति बाज़ार के वे सौदे जिनमें ख़रीदार को दलाल के पास एक पेशगी रक़म जमा करनी पड़ती है।

Marine insurance

नौवहन बीमा, समुद्री बीमा
ऐसा बीमा जिसके अंतर्गत समुद्री पोतों और उनके द्वारा ढोए जाने वाले माल की संभावित हानि अथवा क्षति को बीमा-संरक्षण प्रदान किया जाता है।

Mark-down

1. क़ीमत-ह्रासन 2. रियायत
1. क़ीमत-ह्रासन : बहीखातों में परिसंपत्तियों, प्रतिभूतियों आदि के मूल्य को घटाकर लिखना। ऐसा उनके बाज़ार-मूल्य में गिरावट आ जाने पर किया जा सकता है।
2. रियायत : पूर्व-निर्धारित क़ीमत में कटौती करके माल को घटी क़ीमत पर बेचना।

Marketing

विपणन, क्रय-विक्रय
वस्तुओं और सेवाओं को मूल उत्पादक से अंतिम उपभोक्ता तक पहुँचाने के सिलसिले में किए जाने वाले क्रय-विक्रय, विज्ञापन, पैकिंग, भंडारण, परिवहन, बाज़ार-अनुसंधान आदि कार्यकलाप;
उपर्युक्त कार्यकलापों का अध्ययन करने वाला शास्त्र।

Mark-up

1. क़ीमत-वर्धन 2. क़ीमत-लागत अंतर
1. क़ीमत-वर्धन : बाज़ार-मूल्य में बढोतरी हो जाने पर परिसंपत्तियों अथवा प्रतिभूतियों के मूल्यों को तदनुसार बढ़ा कर लिखना।
2. क़ीमत-लागत अंतर : बिक्री-क़ीमत निर्धारित करते समय वस्तु अथवा उत्पाद के लागत-ख़र्च में प्रतिशत आधार पर जोड़ी गई राशि।

Mass production

पुंज उत्पादन, बहुमात्रा उत्पादन
उन्नत प्रौद्योगिकी की सहायता से किसी वस्तु को बड़े पैमाने पर तैयार करना। यह केवल उन्हीं वस्तुओं का हो सकता है जिसका मानकीकरण संभव है और जिनकी बिक्री के लिए व्यापक बाज़ार उपलब्ध है।

Memorandum of association

संस्था की बहिर्नियमावली
कंपनी की स्थापना के समय कंपनी रजिस्ट्रार के यहाँ दाख़िल किया जाने वाला एक दस्तावेज़ जिसमें कंपनी का नाम, उसके मुख्यालय की अवस्थिति, कंपनी के उद्देश्य, उसकी प्राधिकृत पूँजी और शेयरों के रूप में उसका विभाजन, सदस्यों के सीमित दायित्व की घोषण आदि होती है। कंपनी से बाहर के लोगों के साथ कंपनी का व्यवहार इसी दस्तावेज़ से विनियमित होता है। इसी के आधार पर वे लोग कंपनी के अधिकार और उसकी कार्य-सीमा जान पाते हैं। कंपनी के अंतर्नियम इसी दस्तावेज़ से नियंत्रित होते हैं।
तुल. दे. articles of association

Middlemen

बिचौलिया
विनिर्माता अथवा उत्पादक से उपभोक्ता तक माल पहुँचाने वाली वितरण सरणि जिसमें खुदरा तथा थोक व्यापारी, दलाल, अभिकर्ता आदि आते हैं।

Minor coin

छोटा सिक्का, चिल्लर, रेज़गारी, खेरीज़
ऐसे सिक्के जो कम मूल्यवान धातु से बनाए जाते हैं। चूँकि ये एक हाथ से दूसरे हाथ में निरंतर चलते रहते हैं इसलिए इन्हें कम घिसने वाली धातु से ढाला जाता है। भारत में पच्चीस पैसे, दस पैसे, पाँच पैसे और उसके नीचे के सिक्के रेज़गारी में शामिल किए जाते हैं।

Mint par

टकसाल-दर
दो देशों की मुद्राओं के बीच स्थापित विनिमय-दर जो उन मुद्राओं की मानक इकाइयों में मौजूद शुद्ध धातु के मूल्य के आधार पर तय की जाती है। उदाहरण के लिए, इंगलैंड और भारत में यदि चाँदी के सिक्के चलते हों और इंगलैंड के एक पौंड स्टर्लिंग में चाँदी की उतनी मात्रा हो जितनी कि भारत के दस रुपयों में है तो इन दोनों देशों के बीच टकसाल-दर एक पौंड – 10 रूपए होगी।

Mint ratio

टकसाल-अनुपात
द्विधातुमान वाले देशों में सोने तथा चाँदी की क़ीमतों की टकसाल द्वारा निर्धारित पारस्परिक दर जो बाज़ार में क़ीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होती।

Mixed economy

मिश्रित अर्थव्यवस्था, मिली-जुली अर्थव्यवस्था
वह आर्थिक प्रणाली जिसमें पूँजीवाद और समाजवाद दोनों की ही कुछ-कुछ विशेषताएँ पाई जाती हैं। उत्पादन के कुछ क्षेत्र राज्य के हाथ में होते हैं और कुछ निजी उद्यमों के अधीन। जो क्षेत्र निजी उद्यम के अधीन होते हैं उन पर भी किसी न किसी रूप में सरकारी नियंत्रण रहता है। न्यूनाधिक मात्रा में प्रत्येक अर्थव्यवस्था मित्रित होती है क्योंकि प्रायः सभी समाजवादी अर्थव्यवस्थाओं में निजी उद्यम को थोड़ा बहुत स्थान प्राप्त है ही और प्रायः सभी पूँजीवादी अर्थव्यवस्थाओं में राज्य के हाथ में कुछ उद्योग है। भारत की अर्थव्यवस्था मिश्रित है। लेकिन, व्यवहार में, ‘मिश्रित अर्थव्यवस्था’ उसे माना जाता है जहाँ दोनों क्षेत्र महत्वपूर्ण हों।

Modernization

आधुनिकीकरण, अभिनवीकरण
उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से परंपरागत मशीनों तथा तकनीकों के स्थान पर अधुनातन मशीनों और तकनीकों का प्रयोग।

Money

द्रव्य, धन, मुद्रा
ऐसा विनिमय-माध्यम जिसे बतौर मूल्यवान तथा मूल्यमापक के व्यापक रूप से स्वीकार किया जाए जैसे, सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले सिक्के, नोट आदि। व्यापक स्वीकार्यता की दृष्टि से आधुनिक अर्थशास्री चैक, ड्राफ्ट़ अथवा अन्य प्रपत्रों को भी इसमें शामिल करते हैं।

Money market

द्रव्य बाज़ार
वह तंत्र जिसके द्वारा एक वर्ष से कम अवधि के ऋणों, प्रतिभूतियों और परक्राम्य प्रपत्रों का लेन-देन होता है।

Monometallism

एकधातुमान
ऐसी मौद्रित पद्धति जो एक ही धातु अर्थात् सोने अथवा चाँदी पर आधारित हो। इस व्यवस्था में देश की मौद्रिक इकाई का मूल्य उसी धातु में व्यक्त किया जाता है और टकसाल उस धातु को सिक्का-ढलाई हेतु वैधानिक रूप से और असीमित मात्रा में स्वीकार करती है।
तुल. दे. bimetallism

Monopoly

एकाधिकार
एकाधिकार’ से ताप्तर्य है बाज़ार की ऐसी स्थिती जिसमें केवल एक विक्रेता है। सिद्धांत में, इस एक विक्रेता का वस्तु की क़ीमत पर पूरा नियंत्रण होता है। लेकिन, व्यवहार में, किसी वस्तु का एक मात्र विक्रेता होने पर भी यदि उसके द्वारा इस वस्तु की क़ीमत काफी अधिक बढ़ाई जाती है तो उसकी माँग कम होने लगेगी क्योंकि व्यक्ति स्थानापन्नों का उपभोग बढ़ाने लगेंगे। सिद्धांत में, स्थानापन्नों का प्रभाव मान लिया जाता है। पूर्ण प्रतियोगिता की भाँति ही व्यावहारिक जीवन में ‘एकाधिकार भी नहीं पाया जाता। यह प्रायः एक काल्पनिक धारणा है।
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