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Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Apophansis

उद्देश्य-विधेयात्मक प्रतिज्ञप्ति
प्रतिज्ञप्ति का अरस्तूकालीन नाम जो कि उसके स्वरूप को उद्देश्य-विधेयात्मक मानने पर आधारित है।

Apostasy

धर्म-त्याग, सिद्धांत-त्याग, पक्ष-त्याग
धार्मिक विश्वास या स्वीकृत सिद्धांत आदि का परित्याग करना।

A Posteriori

अनुभवसापेक्ष, अनुभवाश्रित
अनुभव से प्राप्त ज्ञान के लिए प्रयुक्त विशेषण।

A Posteriori Reasoning

अनुभवाश्रित तर्क
वह तर्क जो अनुभूत तथ्यों पर आधारित होता है और जिसका निष्कर्ष आदार वाक्य से अनिवार्यतः नहीं निकलता है।

Apostle

1. देवदूत – विशेषतः ईसाई धारणा के अनुसार, ईश्वर का संदेश मनुष्यों तक पहुँचाने वाला दूत।
2. धर्मदूत – धर्म का विदेश में जाकर प्रचार करनेवाला।

Apotheosis

देवत्त्वारोपण
मनुष्य को देवता बना देने की वह प्रवृत्ति जो ऐतिहासिक पुरूषों की मूर्तियाँ बनवा कर पूजने, राजाओं के दैवी अधिकार मानने इत्यादि में प्रकट होती है।

Appearance

आभास
1. वस्तु का इंद्रियों से ज्ञात रूप।
2. कांट के दर्शन में दिक्काल में अस्तित्व रखने वाली ऐंद्रिय वस्तु।
3. ब्रैडले इत्यादि के दर्शन में, सत्य या तत्त्व का एक व्यावहारिक रूप।

Apperception

1. अंतः प्रत्यक्ष – लाइब्नित्ज के दर्शन में मन (चिद्बिन्दु) को होने वाला स्वयं अपनी ही अवस्थाओं का अपरोक्ष बोध।
2. अहंप्रत्यय – कांट के दर्शन में, ज्ञाता को होने वाली आत्म-चेतना जो उसकी एकता को प्रकट करती है।

Applicative

आनुप्रायोगिक
जॉनसन के तर्कशास्त्र में, वह शब्द जो प्रतिज्ञप्ति में किसी सामान्य पद के अनुप्रयोग को निर्धारित करने के लिए प्रयुक्त होता है, जैसे ‘यह’, ‘वह’ आदि।

Applicative Principle

आनुप्रायोगिक सिद्धांत
तर्कशास्त्र में पहली आकृति के आधारभूत सिद्धांत को जॉनसन के द्वारा दिया गया नाम जिसके अनुसार तथ्य जो किसी पूरे वर्ग पर लागू होता है वह उसके प्रत्येक सदस्य पर भी लागू होता है।

Applied Ethics

व्यावहारिक नीतिशास्त्र, अनुप्रयुक्त नीतिशास्त्र
वह शास्त्र जो नीतिशास्त्र के सिद्धांतों को कानून, चिकित्सा, व्यवसाय आदि के क्षेत्र-विशेष में लागू करता है।

Apposition

समानाधिकरण
दो ऐसे शब्दों का पारस्परिक संबंध जो शेष वाक्य के साथ व्याकरण की दृष्टि से समान संबंझ रखते हैं, जैसे “मेरा भाई राम बुद्धिमान है” में “मेरा भाई”, और “राम” का।

Appreciative Judgement

अनुशंसी निर्णय
तथ्यसूचक निर्णय के विपरीत, वह निर्णय जो मूल्य बताता है, जैसे “राम अच्छा या सुन्दर है”।

Apprehension

अवबोध
किसी वस्तु की चेतना में उपस्थिति मात्र का बोध।

Approbative Theory

अनुमोदन-सिद्धांत
वह नैतिक सिद्धांत जो शुभ-अशुभ को अनुमोदन और अननुमोदन पर आधारित मानता है।

Appropriating

आत्मसात्करण, स्वीकरण
किसी भी सत्य को जो आप्त वाक्यों में निहीत है, को आत्मसात करना। विशेषतः प्रोटेस्टेंट संप्रदाय के संदर्भ में आस्तिकता की आस्था द्वारा दैवी अनुग्रह का भागी बनना तथा पठन और मनन के द्वारा ईश्वरीय वचन को हृदयंगम करना।

Approximate Generalization

अत्यासन्न सामान्यीकरण
अधिक से अधिक दृष्टांतों के प्रेक्षण पर आधारित सामान्यीकरण।

A Priori

प्रागनुभविक, अनुभवनिरपेक्ष
उन सिद्धांतों या प्रतिज्ञप्तियों के लिए संज्ञा और विशेषण के रूप में प्रयुक्त लैटिन शब्द जिनकी वैधता अनुभव पर आश्रित नहीं होती या जिनके ज्ञान के लिए अनुभव की अपेक्षा नहीं होती। कांट के द्वारा अपने दर्शन में प्रयुक्त।

A Priori Concept

प्रागनुभविक संप्रत्यय
वह संप्रत्यय जो अनुभव के पहले से ही व्यक्ति के मन में विद्यमान रहता है।

A Priori Fallacy

प्रागनुभविक-तर्कदोष
वह तर्कदोष जो किसी युक्ति को किसी प्रमाण के बिना पूर्वाग्रह अथवा अंधविश्वास के कारण मान लेने से होता है।

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